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Blog vs website (ब्लॉग और वैबसाइट मे अंतर)

आज हम जानेंगे Blog vs website मे अंतर:-

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इंटरनेट पर हर रोज हजारो वैबसाइट व ब्लॉग बनाए जाते है| वैबसाइट व ब्लॉग दोनों के लिंक एक जैसे ही होते है,एवं दोनों खुलते भी सभी वेब ब्राउज़र मे है|  Blog vs website मे अंतर मुख्य रूप से यही होता है,की ब्लॉग मे डिज़ाइन की लिमिट होती है,पर वैबसाइट मे कोडिंग language use होने के कारण limit नही होती|

आइए जानते  हैं इन दोनों के उलझन भरे Blog vs website  वाले मुद्दे को कुछ आसान शब्दो में : –

Blog vs website(ब्लॉग और वैबसाइट मे अंतर इन हिन्दी)

blog vs website

blog vs website मे अंतर जानने के लिए  इन दोनों के बारे मे पड़ते हैं-

ब्लॉग

ब्लॉग का  हिन्दी मे मतलब होता है,online पत्रिका जिसमे हम हर तरह की news पढ़ सकते है |  यहाँ कोई एक ब्लॉगर information  शेयर करता है जिसे दूसरे लोगों द्वारा पड़ा जाता है |

  1. ब्लॉग बनाने के लिए  programming  की जानकारी  होना जरूरी नही है|
  2. इसे ब्लॉग डेवेलप करने वाले plateform जैसे blogger॰com, wordpress॰com एवं tumbler.com इत्यादि|
  3. हिन्दी मे जानकारी के सबसे  ज्यादा ब्लॉगर का इस्तेमाल होता है पर overall  रूप से  self hosted wordpress को सबसे ज्यादा use  किया जाता है|
  4. ब्लॉग मे आपको कोडिंग करने की जरूरत नही होती इसलिए ब्लॉग मे पहले से बने हुये design ही use  किए जाते हैं|
  5. लगभग सभी ब्लॉग एक ही तरह के design के होते हैं पर इनमे थोड़ा बहुत  फर्क  होता है|

इसमे  आप अपने डिज़ाइन नही create कर सकते|

ब्लॉग के कुछ उदाहरण-

siraanews.com , www.starblogging.com इत्यादि |

ब्लॉग की पहचान कैसे करे-

  1. ब्लॉग मे हर एक पोस्ट के अंत मे कमेंट करने का ऑप्शन होता है|
  2. ब्लॉग मे सारी पोस्ट आपको होम पगे पर दिख जाती है|
  3. पोस्ट को अलग अलग कटागिरी मे बनते होते है जैसे की पोस्ट टोपिक्स, लेखक का  नाम, पोस्ट की तारीक इत्यादि|
  4. ब्लॉग पर आपको daily update मिलते रहते है|
  5. ब्लॉग को use information share करने के लिए होता है| 

यह भी पढ़ें—

Blog vs website मे दूसरा टॉपिक है website

वैबसाइट 

blog vs website  मे आप ब्लॉग के बारे मे पढ़ चुके है,आइए अब जाने की  वैबसाइट क्या है|

वैबसाइट बनाने के लिए programmer को कोडिंग language की जानकारी होना जरूरी है| website एक open source code language से बनती है,  वैबसाइट बनाने के लिए HTML,CSS,JAVA SCRIPT, PHP, MY SQL,PYTHON,JQUIRY,RUBY,GIT इत्यादि  coding langauge का इस्तेमाल किया जाता है|

  1. website  के coding dependent  होने की वजह से इसे अपनी मर्जी का  design  दिया जा सकता  है|
  2. इसका डिज़ाइन किसी भी समय बदला जा सकता है|
  3. इसमे ब्लॉग की तरह  कोई भी लिमिट नही होती|
  4.  जिसमे आप सिर्फ कुछ premade डिज़ाइन ही उसे कर  सकते है|
  5. website का use किसी product को सेल करने के लिए बनाया जाता है |

WEBSITE  को किसी भी त्राह का डिज़ाइन दिया जा सकता है,इसलिए यह ब्लॉग के जैसे limited नही  है|

इसलिए बड़ी COMPANIES, organisation, universities ब्लॉग की जगह वैबसाइट का इस्तेमाल करती है|ब्लॉग वैबसाइट का एक छोटा हिसा  हो सकता है|

वैबसाइट मे दो टाइप के webpages  होते है

1. STATIC –

Static webpage उस webसाइट के उस पगे को कहा जाता है जो एक स्टेट मे रेहता है मतलब जिस पेज का content कभी भी change  हो जैसे की ABOUT US और CONTACT  US page हमेशा ऐक परकार का data ही रखते है

2. DYNAMIC–

Dynamic webpages वैबसाइट के ज़्यादातर pages होते हैं ऐसा इसलिए होता है क्यूंकी अगर वैबसाइट के सारे pages ही static हुये तो वैबसाइट मे न्यू posts update   नही होंगे और वैबसाइट की ranking  गिर जाएगी| 

Blog vs website मे से कौनसा  बनाएँ  ?

आपको फिर से बता दे की ब्लॉग का use ज़्यादातर  जानकारी share करने के लिए होता है व वैबसाइट का use  किसी प्रॉडक्ट को  बेचने , organzations, universities etc. के लिए  किया जाता है  


उम्मीद है अब ये टॉपिक clear हो चुका है दोस्तो| अगर आपके मन मे कोई सवाल है तो जरूर पुछे और अपने कीमती सुझाव जरूर दें|

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